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मासिक राशिफल · अक्टूबर 2026

धनिष्ठा · मकर लग्न

धनिष्ठा में चंद्र और मकर लग्न के साथ जन्मे व्यक्ति के लिए अक्टूबर 2026 के गोचर का अर्थ: प्रत्येक ग्रह का महीना एक कहानी के रूप में — इसका भाव, अवस्था, नक्षत्र और तारा, राहत या सावधानी की ओर मोड़ — आकाश में बनने वाले योग, और प्रत्येक के शास्त्रीय कारण।

धनिष्ठा दो राशियों में फैला है: मकर में चरण 1–2 और कुंभ में चरण 3–4। कहानी मकर में चंद्र का अनुसरण करती है; दूसरी राशि का दृष्टिकोण इसके बगल में दिया गया है।

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रा3श*17मं↓7गु↑25के3सू13शु14बु610 ○ लग्न11 □12 ◇1 ○2 □3 ◇4 ○5 □6 ◇7 ○8 □9 ◇
मीन ◇श*17मेष ○वृष □मिथु ◇कुंभ □रा3कर्क ○मं↓7गु↑25मकर ○ लग्नसिंह □के3धनु ◇वृश्चि □तुला ○बु6शु14कन्या ◇सू13D1राशि · निरयण · लाहिड़ी
मेषवृषमिथुकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिधनुमकरकुंभमीन123456789101112मं7गु25के3सू13बु6शु14रा3श℞17
मकर लग्न से — 1 अक्टूबर 2026, 00:00 IST को आकाश* वक्री · ᶜ अस्त · ↑ उच्च · ↓ नीच · ■ वर्गोत्तम · छोटी संख्या = राशि में अंश · भाव का रंग = राशि का तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल)

महीने के मुख्य गोचर

  • 3 अक्टूबर, 12:42 IST — शुक्र तुला में वक्री होता है
  • 9 अक्टूबर, 20:51 IST — शनि उत्तरा भाद्रपद में प्रवेश करता है
  • 17 अक्टूबर, 19:51 IST — सूर्य तुला में प्रवेश करता है
  • 24 अक्टूबर, 12:38 IST — बुध तुला में वक्री होता है
  • 31 अक्टूबर, 12:02 IST — गुरु सिंह में प्रवेश करता है

महीना, ग्रह दर ग्रह

गुरु · गुरुजन, संतान, ज्ञान और कृपा

गुरु महीने की शुरुआत कर्क (उच्च, अपने सबसे बलवान रूप में) में, मकर लग्न से आपका सातवाँ भाव (साझेदारी और परामर्श), आश्लेषा में करता है: आपके लिए प्रत्यरि तारा (विरोध की तारा — अनावश्यक टकराव से बचें)।

आपके मकर चंद्र से यह सातवाँ है: अनुकूलएक अच्छी यात्रा और अपने जीवनसाथी तथा परिवार के साथ प्रसन्नता। (फलदीपिका 26.18-20)

31 अक्टूबर, 12:02 IST को यह सिंह में जाता है, आपका आठवाँ भाव (बदलाव और गहराई)। चंद्र से यह आठवाँ हो जाता है: सावधानीएक कठिन समय — व्यर्थ की यात्रा से बचें और ज़िम्मेदारियों को हल्का रखें।

उसी क्षण यह मघा में प्रवेश करता है — साधक तारा: राहतसिद्धि की तारा — प्रयास फल देता है। एक कठिन नक्षत्र के बाद एक सुखद राहत।

कुंभ में चंद्र के साथ: छठा — कठिन; विरोधियों और रिश्तेदारों के साथ मनमुटाव — विवादों को बुद्धिमानी से चुनें

गुरु गुरुजन, संतान, ज्ञान और कृपा को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

शनि · काम, अनुशासन, बड़े-बुजुर्ग और सहनशीलता

शनि महीने की शुरुआत मीन में, मकर लग्न से आपका तीसरा भाव (साहस और पहल), रेवती में करता है: आपके लिए प्रत्यरि तारा (विरोध की तारा — अनावश्यक टकराव से बचें)।

यह वक्री है — शास्त्रीय रूप से यह शुरुआत करने के बजाय इसके द्वारा दर्शाए जाने वाले विषयों की समीक्षा और पुनरावलोकन करने का समय है।

आपके मकर चंद्र से यह तीसरा है: अनुकूलएक बेहतर पद और अधिक अधिकार। (फलदीपिका 26.22-23)

9 अक्टूबर, 20:51 IST को यह उत्तरा भाद्रपद में प्रवेश करता है — क्षेम तारा: राहतकल्याण की तारा — स्थिर और सुरक्षित। एक कठिन नक्षत्र के बाद एक सुखद राहत।

कुंभ में चंद्र के साथ: दूसरा — कठिन; परिवार और संसाधनों को लेकर तनाव — समझदारी से काम लें

शनि काम, अनुशासन, बड़े-बुजुर्ग और सहनशीलता को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

राहु · महत्वाकांक्षा, विदेश और अपरंपरागत

राहु महीने की शुरुआत कुंभ में, मकर लग्न से आपका दूसरा भाव (परिवार और वाणी), धनिष्ठा में करता है: आपके लिए जन्म तारा (स्वयं जन्म नक्षत्र — एक संवेदनशील समय; जो स्थिर है उसी पर टिके रहें)।

आपके मकर चंद्र से यह दूसरा है: कठिनखर्च के प्रति सावधान रहने का समय। (फलदीपिका 26.24)

कुंभ में चंद्र के साथ: पहला — कठिन; कमज़ोर ऊर्जा — विश्राम करें और अपनी गति संतुलित रखें

राहु महत्वाकांक्षा, विदेश और अपरंपरागत को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

केतु · विरक्ति, आंतरिक जीवन और जो छूट जाता है

केतु महीने की शुरुआत सिंह में, मकर लग्न से आपका आठवाँ भाव (बदलाव और गहराई), मघा में करता है: आपके लिए साधक तारा (सिद्धि की तारा — प्रयास फल देता है)।

आपके मकर चंद्र से यह आठवाँ है: कठिन(फलदीपिका 26.2)

कुंभ में चंद्र के साथ: सातवाँ — कठिन

केतु विरक्ति, आंतरिक जीवन और जो छूट जाता है को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

मंगल · भाई-बहन, साहस, भूमि और लगन

मंगल महीने की शुरुआत कर्क (नीच, अपने सबसे कमज़ोर रूप में) में, मकर लग्न से आपका सातवाँ भाव (साझेदारी और परामर्श), पुष्य में करता है: आपके लिए क्षेम तारा (कल्याण की तारा — स्थिर और सुरक्षित)।

आपके मकर चंद्र से यह सातवाँ है: कठिनजीवनसाथी के साथ टकराव — घर में धैर्य रखें। (फलदीपिका 26.13-16)

17 अक्टूबर, 12:46 IST को यह आश्लेषा में प्रवेश करता है — प्रत्यरि तारा: सावधानीविरोध की तारा — अनावश्यक टकराव से बचें। यहाँ से और सावधानी से चलें।

कुंभ में चंद्र के साथ: छठा — अनुकूल; विवाद समाप्त होते हैं, विजय मिलती है, और काम आपके अनुकूल होता है

मंगल भाई-बहन, साहस, भूमि और लगन को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

शुक्र · प्रेम, जीवनसाथी, सुख और कला

शुक्र महीने की शुरुआत तुला (अपनी स्वराशि में, स्थिर और सहज) में, मकर लग्न से आपका दसवाँ भाव (काम और प्रतिष्ठा), स्वाती में करता है: आपके लिए संपत् तारा (समृद्धि की तारा — अनुकूल)।

आपके मकर चंद्र से यह दसवाँ है: कठिनविवाद — शांति बनाए रखें। (फलदीपिका 26.21)

3 अक्टूबर, 12:42 IST को यह वक्री होता है — शास्त्रीय रूप से यह इसके कारकत्वों को शुरू करने के बजाय उनकी समीक्षा करने, सुधारने और पूरा करने का समय है।

18 अक्टूबर, 00:58 IST से यह अस्त है — सूर्य के करीब होने से, इसके कारकत्व शास्त्रीय रूप से छिप जाते हैं; जब तक यह उदित नहीं होता, तब तक शांत परिणाम मिलते हैं।

24 अक्टूबर, 03:22 IST को यह चित्रा में प्रवेश करता है — जन्म तारा: मिश्रितस्वयं जन्म नक्षत्र — एक संवेदनशील समय; जो स्थिर है उसी पर टिके रहें।

कुंभ में चंद्र के साथ: नौवाँ — अनुकूल; प्रसन्नता

शुक्र प्रेम, जीवनसाथी, सुख और कला को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

बुध · वाणी, विद्या, व्यापार और मित्र

बुध महीने की शुरुआत तुला में, मकर लग्न से आपका दसवाँ भाव (काम और प्रतिष्ठा), चित्रा में करता है: आपके लिए जन्म तारा (स्वयं जन्म नक्षत्र — एक संवेदनशील समय; जो स्थिर है उसी पर टिके रहें)।

आपके मकर चंद्र से यह दसवाँ है: अनुकूलहर प्रकार की प्रसन्नता। (फलदीपिका 26.17)

1 अक्टूबर, 09:29 IST को यह स्वाती में प्रवेश करता है — संपत् तारा: राहतसमृद्धि की तारा — अनुकूल। एक कठिन नक्षत्र के बाद एक सुखद राहत।

12 अक्टूबर, 18:42 IST को यह विशाखा में प्रवेश करता है — विपत् तारा: सावधानीबाधाओं की तारा — सावधानी से चलें। यहाँ से और सावधानी से चलें।

24 अक्टूबर, 12:38 IST को यह वक्री होता है — शास्त्रीय रूप से यह इसके कारकत्वों को शुरू करने के बजाय उनकी समीक्षा करने, सुधारने और पूरा करने का समय है।

29 अक्टूबर, 02:48 IST से यह अस्त है — सूर्य के करीब होने से, इसके कारकत्व शास्त्रीय रूप से छिप जाते हैं; जब तक यह उदित नहीं होता, तब तक शांत परिणाम मिलते हैं।

कुंभ में चंद्र के साथ: नौवाँ — कठिन; बाधाएँ — धैर्य

बुध वाणी, विद्या, व्यापार और मित्र को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

सूर्य · पिता, अधिकार, आत्मविश्वास और जीवन शक्ति

सूर्य महीने की शुरुआत कन्या में, मकर लग्न से आपका नौवाँ भाव (भाग्य, गुरुजन और धर्म), हस्त में करता है: आपके लिए परम मित्र तारा (अति मित्र — सबसे अनुकूल तारा)।

आपके मकर चंद्र से यह नौवाँ है: कठिनरुकावटें, उदासी और प्रियजनों से दूरी; प्रयास अभी सफल नहीं होते। (फलदीपिका 26.9-11)

11 अक्टूबर, 02:20 IST को यह चित्रा में प्रवेश करता है — जन्म तारा: मिश्रितस्वयं जन्म नक्षत्र — एक संवेदनशील समय; जो स्थिर है उसी पर टिके रहें।

17 अक्टूबर, 19:51 IST को यह तुला (नीच, अपने सबसे कमज़ोर रूप में) में जाता है, आपका दसवाँ भाव (काम और प्रतिष्ठा)। चंद्र से यह दसवाँ हो जाता है: राहतआप जो भी काम हाथ में लेते हैं उसमें सफलता — एक बड़ा काम पूरा होता है।

24 अक्टूबर, 12:50 IST को यह स्वाती में प्रवेश करता है — संपत् तारा: राहतसमृद्धि की तारा — अनुकूल। एक कठिन नक्षत्र के बाद एक सुखद राहत।

कुंभ में चंद्र के साथ: आठवाँ — कठिन; चिंता, झगड़े और अधिकारियों के साथ टकराव — सावधानी से चलें

सूर्य पिता, अधिकार, आत्मविश्वास और जीवन शक्ति को दर्शाता है — यहीं इस महीने के बदलाव महसूस होते हैं।

आकाश में बनने वाले योग

  • अनुकूलकर्क में आपके लग्न से हंस योग, पूरे महीने — लग्न से केंद्र (सातवाँ) में गुरु उच्च — पंच-महापुरुष की स्थिति, जो गोचर कर रहे ग्रह द्वारा पूरी होती है। इस योग के बारे में
  • अनुकूलतुला में आपके लग्न से मालव्य योग, पूरे महीने — लग्न से केंद्र (दसवाँ) में शुक्र स्वराशि — पंच-महापुरुष की स्थिति, जो गोचर कर रहे ग्रह द्वारा पूरी होती है। इस योग के बारे में
  • अनुकूलकर्क में आपके चंद्र से गजकेसरी योग, पूरे महीने — चंद्र राशि से केंद्र (सातवाँ) में गुरु — गजकेसरी की स्थिति, जो गोचर कर रहे गुरु द्वारा पूरी होती है। इस योग के बारे में
  • अनुकूलतुला में बुधादित्य योग, 17 अक्टूबर, 19:51 IST से — गोचर में दोनों ग्रह एक ही राशि में हैं। इस योग के बारे में

दोहरा गोचर

गुरु और शनि दोनों आपके लग्न से इन भावों में पहुँचते हैं — यह शास्त्रीय संकेत है कि किसी भाव के मामले सामने आते हैं:

  • आपका तीसरा भाव (साहस और पहल), पूरे महीने।

यदि आपकी अपनी कुंडली में ये योग हैं

इस महीने एक ग्रह की चाल जन्म कुंडली में पहले से बन रहे योग को सामने लाती है — इसे वैसे ही पढ़ें जैसे भृगु नंदी नाड़ी (BNN) जन्म के ग्रह पर गोचर को पढ़ती है। ऐप में आपकी कुंडली दिखाती है कि आपके पास कौन से योग हैं।

यह उन सभी के लिए महीना है जो इस संयोजन को साझा करते हैं। आपकी अपनी कुंडली बाकी चीज़ें जोड़ती है — ग्रहों के सटीक अंश, आपकी अवधियाँ (दशाएँ), आपके पास मौजूद योग और आपके भाव में क्या है। अपनी कुंडली पढ़ें, मुफ़्त में

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यह कैसे निकाला जाता है

ग्रहों की स्थितियाँ निरयण (लाहिड़ी) हैं, जिनमें राहु और केतु के लिए मध्यम पात का उपयोग किया गया है, और इनकी गणना भारत (IST) के लिए की गई है; प्रत्येक तारीख़ और समय मिनट तक सटीक है। भाव पूर्ण-राशि हैं, जिनकी गणना लग्न और चंद्र राशि से की गई है। चंद्र से प्रत्येक गोचर क्या लाता है, यह मंत्रेश्वर की फलदीपिका, अध्याय 26 (जो पहले चंद्र से गोचर को पढ़ता है) पर आधारित है, जिसे वराहमिहिर की बृहत् संहिता, अध्याय 104 के साथ जाँचा गया है; लग्न से, भाव और वह क्या नियंत्रित करता है, यह दिया गया है। प्रत्येक ग्रह के नक्षत्र का तारा जन्म नक्षत्र से गिना जाता है। अवस्थाएँ और अस्त की सीमाएँ शास्त्रीय तालिकाओं पर आधारित हैं (अस्त: सूर्य सिद्धांत)। यहाँ दिया गया योग गोचर कर रहे ग्रहों द्वारा पूरी की जाने वाली शास्त्रीय स्थिति है; दोहरा गोचर गुरु और शनि दोनों का एक ही भाव में पहुँचना है। यह पूर्वानुमान चिंतन के लिए है — स्वास्थ्य, धन या आयु की भविष्यवाणी कभी नहीं।