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पर्व · 2026

भाई दूज 2026

भारत में भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है। तिथि की सटीक अवधि, आपके शहर में सूर्योदय, मिनट तक की गणना के साथ।

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दिन

बहनें अपने भाइयों के कल्याण की प्रार्थना करती हैं और उनके माथे पर तिलक लगाती हैं; भाई उपहार देते हैं।

भारत में तारीख़
बुधवार, 11 नवंबर 2026
तिथि
कार्तिक शुक्ल द्वितीया
तिथि आरंभ
10 नवंबर, 14:01 IST
तिथि समाप्त
11 नवंबर, 15:54 IST

शहर अनुसार

प्रत्येक शहर अपने स्थानीय समय के अनुसार। भारत के बाहर पर्व की गणना आपके अपने सूर्योदय से होती है, इसलिए इसकी तारीख़ भारत से एक दिन अलग हो सकती है।

शहरतारीख़सूर्योदयसूर्यास्त
नई दिल्लीउसी दिन06:4017:29
मुंबईउसी दिन06:4318:01
कोलकाताउसी दिन05:4616:54
चेन्नईउसी दिन06:0517:39
बेंगलुरुउसी दिन06:1617:50
हैदराबादउसी दिन06:1817:41
पुणेउसी दिन06:3817:58
अहमदाबादउसी दिन06:5017:56
जयपुरउसी दिन06:4317:37
लखनऊउसी दिन06:2217:17
चंडीगढ़उसी दिन06:4517:27
पटनाउसी दिन06:0317:02
भोपालउसी दिन06:3117:37
इंदौरउसी दिन06:3617:44
वाराणसीउसी दिन06:1217:11
देहरादूनउसी दिन06:3917:23
अमृतसरउसी दिन06:5417:33
नागपुरउसी दिन06:2117:33
लंदनउसी दिन07:1116:16
न्यू यॉर्कमंगलवार, 10 नवंबर 202606:3716:42
टोरंटोमंगलवार, 10 नवंबर 202607:0516:57
दुबईउसी दिन06:3217:32
सिंगापुरउसी दिन06:4618:50
सिडनीउसी दिन05:4619:32

अपनी कुंडली से दिन को देखें

किसी शहर में पंचांग सभी के लिए एक जैसा होता है। आपकी कुंडली बताती है कि आपके अपने चंद्र और आपकी अपनी दशाओं के अनुसार इनमें से कौन-से घंटे और दिन आपके अनुकूल हैं।

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यह कैसे निकाला जाता है

दिन वही है जो इस पर्व के लिए शास्त्रीय नियम बताते हैं — सूर्योदय के समय की तिथि, या दिन का वह समय जब उसकी पूजा का विधान है (गोधूलि वेला में लक्ष्मी पूजा)। उस दिन प्रत्येक शहर के लिए समय की गणना, मिनट तक, निरयण राशि चक्र (लाहिड़ी) में की जाती है। सूर्यास्त के बाद रात्रि के पंद्रह मुहूर्तों में से पहले तीन मुहूर्त प्रदोष काल कहलाते हैं; लक्ष्मी पूजा की अवधि वह है जहाँ यह स्थिर वृषभ लग्न से मिलती है। पंचांग की यह अवधि चिंतन और साधना के लिए है — किसी फल का निश्चित आश्वासन नहीं।