मिथुन साप्ताहिक राशिफल
इस सप्ताह का मिथुन राशिफल: आपकी चंद्र राशि से मंद गति के ग्रह, वे दिन जब चंद्र आपके अनुकूल हैं, और चंद्राष्टम।
अपनी कुंडली पढ़ें, मुफ़्त में →
अपनी कुंडली पढ़ें, मुफ़्त में →Mithuna (मिथुन) इस सप्ताह
मिथुन राशि का सप्ताह: मध्य सप्ताह में निरंतर कर्म, सप्ताहांत पर आत्मीय परामर्श
गुरुदेव के अनुग्रह से परिवार और वाणी में मिठास रहने तथा कार्यक्षेत्र में शनिदेव द्वारा धैर्य की अपेक्षा रखने के कारण, यह सप्ताह शांत शुरुआत से आगे बढ़कर सुंदर संवादों की ओर बढ़ सकता है, और फिर रविवार की एक सौम्य, आत्मचिंतन भरी शाम के साथ विश्राम पा सकता है।
ग्रहों की व्यापक पृष्ठभूमि अनुकूल दिखाई देती है, किंतु वह निष्ठापूर्ण प्रयास भी मांगती है। आपके चंद्र से गणना करने पर, गुरुदेव आपके द्वितीय भाव में विराजमान हैं, जो परिवार और वाणी तथा घरेलू परिवेश के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं; अतः आपके निष्कपट और आत्मीय शब्दों का प्रभाव उत्तम पड़ने की संभावना रहती है। दशम भाव में स्थित शनिदेव आपके कार्यक्षेत्र को अनुशासित करते हैं: वहाँ प्रगति किसी बड़ी छलांग से नहीं, अपितु धैर्य और निरंतर प्रयास से संभव हो सकती है। आप पर साढ़ेसाती का प्रभाव भी नहीं चल रहा है। इसके उपरांत, शनिवार को शाम 7:51 IST पर सूर्य आपके पंचम भाव तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आने वाले सप्ताहों में आपका ध्यान अध्ययन, रचनात्मक कार्यों और संतान की ओर उन्मुख हो सकता है।
सोमवार का आरंभ आपके पंचम भाव तुला राशि में चंद्र के साथ होता है, जहाँ चंद्रबल कुछ क्षीण है, इसलिए बड़े निर्णय लेने की तुलना में नए विचारों पर मनन करने या स्वाध्याय के लिए यह दिन अधिक उपयुक्त रह सकता है। मंगलवार के दौरान चंद्र आपके छठे भाव वृश्चिक राशि में प्रवेश करके बलिष्ठ हो जाते हैं। बुधवार और गुरुवार जीवन के व्यावहारिक पक्ष के लिए अनुकूल प्रतीत होते हैं: लंबित कार्यों को निपटाना, दिनचर्या व्यवस्थित करना, किसी सहकर्मी की सहायता करना, या शांत मन व पूरी तैयारी से प्रतिस्पर्धियों का सामना करना उचित रह सकता है। शुक्रवार को चंद्र अपनी पूर्ण शक्ति के साथ आपके सप्तम भाव धनु राशि में पहुँचते हैं, और मन साझेदारी तथा परामर्श की ओर मुड़ सकता है। जीवनसाथी अथवा साझीदार के साथ मन की बात साझा करने, किसी विश्वसनीय मित्र से सलाह लेने, या किसी ऐसे प्रबुद्ध जन के साथ बैठने के लिए शुक्रवार और शनिवार शुभ दिन कहे जा सकते हैं जिनके विचारों का आप सम्मान करते हैं।
रविवार की शुरुआत सप्तम भाव के उसी खुले और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होती है, इसलिए परिवार के साथ दोपहर का भोजन या किसी निकट व्यक्ति के साथ लंबी सैर मन को सहज लग सकती है। इसके उपरांत चंद्र आपके अष्टम भाव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, और चंद्राष्टम रविवार शाम 7:33 IST से सोमवार 12:00 am IST तक प्रभावी रहता है। यह एक संक्षिप्त समयावधि है; इस शाम को बस सौम्य रखें, किसी बड़े कार्य की शुरुआत करने या संवेदनशील प्रसंगों को पुनः छेड़ने से बचें, और समय पर शयन कर नए सप्ताह में प्रवेश करना हितकर हो सकता है।
अपनों को निकट लाने वाले मधुर शब्द
द्वितीय भाव में गुरुदेव की स्थिति के कारण वाणी में सौम्यता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। शुक्रवार और शनिवार किसी साझीदार या प्रबुद्ध मित्र के साथ आत्मीय संवाद के लिए अनुकूल प्रतीत होते हैं; रविवार की शाम को हल्का और शांत ही रहने दें।
धैर्यपूर्ण कर्म, सहज लाभ
दशम भाव में स्थित शनिदेव निरंतरता का प्रतिफल देते हैं, ऐसा शास्त्र कहते हैं। बुधवार और गुरुवार का उपयोग दैनिक कार्यों व सावधान तैयारी के लिए करें, तथा शनिवार को सूर्य के राशि परिवर्तन के उपरांत किसी अध्ययन या रचनात्मक विषय को थोड़ा समय देना उचित हो सकता है।
रविवार का सौम्य और शांत विश्राम
सोमवार की गति कुछ धीमी प्रतीत हो सकती है, इसलिए स्वयं को उसी गति से ढालें। रविवार की शाम चंद्राष्टम के दौरान, हल्का सादा भोजन, थोड़ी देर की टहलकदमी और समय पर सो जाना आपको भीतर से पुनः ऊर्जावान बनाने में सहायक हो सकता है।
सप्ताह के मध्य में निरंतरता के साथ काम में लगे रहें, घर में वाणी को मधुर रखें, और रविवार की शाम को शांत व सहज बीतने दें।
राशि केवल एक तथ्य है। आपकी कुंडली हज़ारों बातें समेटे हुए है।
यह फलादेश आपकी राशि वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए है। आपकी अपनी कुंडली आपका लग्न, ग्रहों के सटीक अंश और वे दशाएँ जोड़ती है जिनसे आप गुज़र रहे हैं।