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आज का पंचांग › एकादशी की तारीख़ें
पंचांग · 2026

एकादशी की तारीख़ें

अगली एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को है। आने वाले वर्ष की प्रत्येक एकादशी, तिथि की सटीक समयावधि और द्वादशी की समाप्ति के साथ — वह समय जब तक व्रत खोला जाता है।

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आने वाली एकादशियाँ

तारीख़पक्षएकादशी तिथि (IST)पारण का समय (IST)
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026शुक्ल21 अक्टूबर, 14:13 – 22 अक्टूबर, 14:4923 अक्टूबर, 06:26 – 23 अक्टूबर, 14:37
गुरुवार, 5 नवंबर 2026कृष्ण4 नवंबर, 11:04 – 5 नवंबर, 10:366 नवंबर, 06:36 – 6 नवंबर, 10:31
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
क्षय: यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती। स्मार्त पंचांग इस दिन को मानते हैं; वैष्णव पंचांग अगले दिन को।
शुक्ल20 नवंबर, 07:16 – 21 नवंबर, 06:3221 नवंबर, 06:48 – 22 नवंबर, 04:57
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026कृष्ण3 दिसंबर, 23:04 – 4 दिसंबर, 23:455 दिसंबर, 06:59 – 6 दिसंबर, 00:53
रविवार, 20 दिसंबर 2026शुक्ल19 दिसंबर, 22:10 – 20 दिसंबर, 20:1521 दिसंबर, 07:09 – 21 दिसंबर, 17:37
रविवार, 3 जनवरी 2027कृष्ण2 जनवरी, 14:25 – 3 जनवरी, 16:094 जनवरी, 07:14 – 4 जनवरी, 18:16
मंगलवार, 19 जनवरी 2027शुक्ल18 जनवरी, 10:28 – 19 जनवरी, 07:5020 जनवरी, 07:14 – 20 जनवरी, 04:42
मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027कृष्ण1 फ़रवरी, 08:42 – 2 फ़रवरी, 11:113 फ़रवरी, 07:08 – 3 फ़रवरी, 13:51
बुधवार, 17 फ़रवरी 2027शुक्ल16 फ़रवरी, 20:20 – 17 फ़रवरी, 17:3218 फ़रवरी, 06:57 – 18 फ़रवरी, 14:28
बुधवार, 3 मार्च 2027कृष्ण3 मार्च, 04:45 – 4 मार्च, 07:254 मार्च, 06:43 – 5 मार्च, 09:55
गुरुवार, 4 मार्च 2027कृष्ण3 मार्च, 04:45 – 4 मार्च, 07:255 मार्च, 06:42 – 5 मार्च, 09:55
गुरुवार, 18 मार्च 2027शुक्ल18 मार्च, 04:22 – 19 मार्च, 01:5219 मार्च, 06:26 – 19 मार्च, 23:18
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027कृष्ण2 अप्रैल, 00:46 – 3 अप्रैल, 02:533 अप्रैल, 06:09 – 4 अप्रैल, 04:27
शनिवार, 17 अप्रैल 2027शुक्ल16 अप्रैल, 11:22 – 17 अप्रैल, 09:2818 अप्रैल, 05:53 – 18 अप्रैल, 07:43
रविवार, 2 मई 2027कृष्ण1 मई, 18:54 – 2 मई, 19:533 मई, 05:39 – 3 मई, 20:05
रविवार, 16 मई 2027शुक्ल15 मई, 18:18 – 16 मई, 17:1417 मई, 05:29 – 17 मई, 16:29
मंगलवार, 1 जून 2027कृष्ण31 मई, 10:03 – 1 जून, 09:402 जून, 05:23 – 2 जून, 08:29
सोमवार, 14 जून 2027शुक्ल14 जून, 02:13 – 15 जून, 02:0915 जून, 05:22 – 16 जून, 02:32
बुधवार, 30 जून 2027कृष्ण29 जून, 22:05 – 30 जून, 20:311 जुलाई, 05:26 – 1 जुलाई, 18:15
बुधवार, 14 जुलाई 2027शुक्ल13 जुलाई, 12:09 – 14 जुलाई, 13:1115 जुलाई, 05:33 – 15 जुलाई, 14:41
गुरुवार, 29 जुलाई 2027
क्षय: यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती। स्मार्त पंचांग इस दिन को मानते हैं; वैष्णव पंचांग अगले दिन को।
कृष्ण29 जुलाई, 07:35 – 30 जुलाई, 05:1430 जुलाई, 05:41 – 31 जुलाई, 02:19
गुरुवार, 12 अगस्त 2027शुक्ल12 अगस्त, 00:59 – 13 अगस्त, 03:0013 अगस्त, 05:49 – 14 अगस्त, 05:22
शनिवार, 28 अगस्त 2027कृष्ण27 अगस्त, 15:26 – 28 अगस्त, 12:4329 अगस्त, 05:57 – 29 अगस्त, 09:36
शनिवार, 11 सितंबर 2027शुक्ल10 सितंबर, 17:01 – 11 सितंबर, 19:3712 सितंबर, 06:04 – 12 सितंबर, 22:14
रविवार, 26 सितंबर 2027कृष्ण25 सितंबर, 22:31 – 26 सितंबर, 19:5027 सितंबर, 06:11 – 27 सितंबर, 16:56
सोमवार, 11 अक्टूबर 2027शुक्ल10 अक्टूबर, 11:41 – 11 अक्टूबर, 14:0912 अक्टूबर, 06:19 – 12 अक्टूबर, 16:14
सोमवार, 25 अक्टूबर 2027कृष्ण25 अक्टूबर, 05:41 – 26 अक्टूबर, 03:2326 अक्टूबर, 06:28 – 27 अक्टूबर, 01:04

व्रत का पालन

प्रत्येक पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, एकादशी, भगवान विष्णु के निमित्त व्रत के रूप में रखी जाती है। यह दिन वह होता है जिसका सूर्योदय एकादशी तिथि में पड़ता है। व्रत का पारण — व्रत खोलना — अगले दिन सूर्योदय के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले किया जाता है; अलग-अलग परंपराओं में यह समयावधि और सीमित हो सकती है, इसलिए अपनी परंपरा का पालन करें।

अपनी कुंडली से दिन को देखें

किसी शहर में पंचांग सभी के लिए एक जैसा होता है। आपकी कुंडली बताती है कि आपके अपने चंद्र और आपकी अपनी दशाओं के अनुसार इनमें से कौन-से घंटे और दिन आपके अनुकूल हैं।

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